सब्जियों के उचित दाम नहीं मिलने पर किसानों में हताशा

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वर्षा शर्मा,बांकुड़ा:  सर्दी के मौसम के साथ ही सब्जी बाजार तरह-तरह की हरी-हरी सब्जियों से भर गया है।लोग अपनी पसंद के अनुसार सब्जियों का आनंद उठा रहे हैं। लेकिन जिनकी मेहनत के कारण यह सब्जियां हमारे रसोई में पहुंचती है उन्हीं किसानों में हताशा का माहौल है।

बांकुड़ा का नित्यानंदपुर सब्जियों की खेती के लिए प्रसिद्ध है। यहां के किसानों की मुख्य जीविका सब्जियों की खेती करना है। परन्तु इस साल सब्जियों का उचित मूल्य नहीं मिल रहा है किसानों को। किसानो को काफी आर्थिक नुक्सान उठाना पड़ रहा है।

काफी कठिनाईयों का सामना करना पड़ रहा है किसानों को। कभी-कभी बाजार तक सब्जियों को पहुंचाना ही मुश्किल हो जाता है क्योंकि किसानों के पास भैन का किराया चुकाने तक के पैसे नहीं होते। किसानों का कहना है कि अगर इस तरह चलता रहा तो उन्हें सब्जियों की खेती ही बंद कर देनी होगी।कृषक तारापद बाग्दी ने कहा कि पिछले साल गोभियों के दाम २०-२५ रूपये मिले थे,इस साल हमें ४ रूपये में गोभी बेचनी पड़ रही है।

खेती का खर्च काफी बढ़ गया है।महाजन का उधार चुकाना मुश्किल हो गया है।घर चलाना भी असंभव हो गया है। हमारा क्या होगा?कृषक सुनिल भागीरथी का कहना है खेतों से सब्जियों को तोड़ भी नहीं पा रहे। बाजार की हालत इतनी खराब है कि लेबर चार्ज भी नहीं उठा पा रहे हैं।

वहीं के सब्जी विक्रेता उत्तम राय का कहना है कि किसानों की हालत सचमुच खराब है। सब्जियों के दाम में काफी गिरावट आई है।इस तरह की हालत ज्यादा दिन चलने पर व्यवसाय करना मुश्किल हो जाएगा।
कई लोगों का मानना है कि अधिक उपज तथा सब्जियों की आमदनी के कारण ही यह परिस्थिति बनीं है। इस हालत में सरकारी सहायता ही किसानों को राहत पहुंचा सकती है।

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